गुरुवार, 25 अक्तूबर 2007

31 अक्तूबर के रजधानी में लाठी कर जबाब नगड़ा से

राजभाषा कर मुद्दा में आब तक जे एकतरफा खेइल चलत रहे आउर जे दिकू मदारी मन तमाशा करत रहें उ मनक दिल के ठंडा करेक ले झारखंडी मन पइका नाचबैं। इ नाच ३१ अक्तूबर के रांची कर मेन संडक से सुरु होवी आउर लाट साहेब कर घर-दुरा ठिन फ़ाइनली जाएके खतम होवी। गोटा झारखण्ड से सउब इकर में शामिल होबैं आउर नवो झारखंडी भाषा के द्वितीय राजभाषा बनाएक ले सरकार उपर दबाब बनाबएं।

5 टिप्‍पणियां:

दिलीप मंडल ने कहा…

नॉन रेजिडेंट झारखंडी हूं। आपका ब्लॉग देखा। सफलता की कामना करता हूं। आपका सफल होना जरूरी है। आपको बधाई।
दिलीप मंडल
दिल्ली
dilipcmandal@gmail.com

अनुनाद सिंह ने कहा…

झारखण्डी भाषा का पहला चिट्ठा देखकर बहुत अच्चा लगा । भाषा पढ़कर और मजा आ गया। सब कुछ समझ में आ रहा है। यह तो भोजपुरी से बहुत मिलती-जुलती है।

बधाई!!

अनुनाद सिंह ने कहा…

जोहार सहिया का मतलब क्या है?

जोहार सहिया ने कहा…

जोहार झारखंडी अभिवादन है जैसे राम-राम, नमस्कार। सहिया झारखंड में एक परम्परा है आपस में दो परिवारों के बीच दोस्ती करने की। सहिया का शाब्दिक अर्थ हुआ - दोस्त। इस तरह जोहार सहिया का अर्थ हुआ नमस्कार दोस्त।

IDEAL COACHING ने कहा…

साहेब के जोहार ।हाम लोहरदगा के रहे वाला हेकि।राउर BLOG देइख के एतना खुशी भेलक कि बताए नि सकिला।हाम नागपुरी भासा से JPSC के तैयारी करतहि।का लेखे तैयारी करेक चाही?जबाब के आसरा रही।